10 सितंबर 2013 - 19:30
सीरिया पर हमले के विषय पर अमरीका अलग-थलग।

ईरान के एक वरिष्ठ सांसद मोहम्मद हसन अस्फ़री ने कहा है कि सीरिया पर हमले के विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सर्वसम्मति न हो पाने के कारण अमरीका अलग-थलग पड़ गया है।

ईरान के एक वरिष्ठ सांसद मोहम्मद हसन अस्फ़री ने कहा है कि सीरिया पर हमले के विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सर्वसम्मति न हो पाने के कारण अमरीका अलग-थलग पड़ गया है।हसन अस्फ़री ने जो ईरानी संसद की विदेश नीति व राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य भी हैं, बुधवार को कहा कि अमरीकियों को समझ में आ गया है कि सीरिया पर हमला करने से वे पहले की तुलना में और अधिक अलग-थगल पड़ जाएंगे।हसन अस्फ़री ने कहा कि अमरीका का यह दावा कि सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियार इस्तेमाल किए हैं, अमरीका के 2003 में इराक़ में जनसंहारक शस्त्र होने के दावे की तरह हैं।ज्ञात रहे अमरीका ने इराक़ पर हमले से पहले यह दावा किया था कि वहां जनसंहारक शस्त्र हैं किन्तु उसका यहा दावा पूरी तरह निराधार साबित हुआ था।सीरिया के विरुद्ध अमरीका की ओर से हमले की धमकी उस समय तेज़ हो गयी जब 21 अगस्त को सीरिया के विदेश समर्थित विपक्ष ने दमिश्क़ सरकार पर यह आरोप लगाया कि दमिश्क़ के उपनगरीय इलाक़ों पर जो मिलिटेंट्स का गढ़ समझा जाता है, सीरियाई सेना ने रासायनिक हथियार से हमले किए।सीरियाई सरकार ने इसका आरोप का कड़ाई से खंडन किया।अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जिन्हें उनकी युद्धोन्मादी योजनाओं पर हल्का समर्थन मिला, 31 अगस्त को कहा कि उनका प्रशासन पहले कांग्रेस से अनुमति लेगा कि जो पहले ही से संशय की स्थिति में थी।9 सितंबर को सीरियाई विदेश मंत्री वलीद मोअल्लिम ने कहा कि उनका देश अपने रासायनिक हथियारों को अंतर्रष्ट्रीय नियंत्रण में देने के रूस के सुझाव का स्वागत करता है। रूस के सुझाव का तुरंत अमरीकी विदेश मंत्री जॉने केरी ने समर्थन किया।इस नए घटनाक्रम के बाद ओबामा ने कहा कि सीरिया पर अमरीका का हमला टाला जा सकता है यदि सीरिया की भाव भंगिमा वास्तविक हो। अमरीकी राष्ट्रपति ने कांग्रेस से कहा कि वह उनके प्रशासन के सीरिया पर हमले की योजना पर मतदान को विलंबित कर दे।